Tuesday, December 18, 2018

वन विहार में छह साल से नहीं हुई बाघाें की ब्रीडिंग, अब किए जा रहे है फिर से प्रयास

वन विहार में पिछले छह साल को बाघों की कोई ब्रीडिंग नहीं हुई है। जबकि प्रदेश के दो चिड़ियाघर में बाघिनों ने न केवल सफलतापूर्वक ब्रीडिंग की बल्कि उन्होंने शावकों को जन्म देकर उनका बेहतर पालन पोषण कर रही है। हालांकि इस मामले में वन विहार प्रबंधन का कहना है कि पहले बूढ़े बाघ होने के कारण ब्रीडिंग प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया था। अब पार्क में युवा बाघ है इसलिए बांधवगढ़ से आई आदमखोर बाघिन और बांधव के बीच ब्रीडिंग कराने के प्रयास किए जा रहे हैं ।

वन विहार प्रबंधन इन दिनों बाघों की ब्रीडिंग करने की तैयारी कर रहा है। प्रबंधन दो बाघों पर सतत निगरानी रखे हुए है। यही नहीं उनके खान-पान पर विशेष ध्यान दे रहा है। हाल ही में बांधवगढ़ नेशनल पार्क से आई आदमखोर बाघिन और बाघ बांधव को एक दूसरे के बाड़े के नजदीक रखा गया था। अब इनके बीच लगा परदा हटा दिया गया है। दोनों एक दूसरे को देखकर आक्रमक नहीं हुए, जिसको देखकर प्रबंधन को उम्मीद है कि इस बार ब्रीडिंग प्रोजेक्ट आगे बढ़ेगा।

वर्ष 2014 में बाघ कान्हा की मौत ने लगाया था विराम
वन विहार को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने बाघों की ब्रीडिंग की अनुमति दी है, इसके बावजूद यहां पर पिछले छह साल में एक भी बाघ का जन्म नहीं हुआ है। वर्ष 2014 में वन विहार प्रबंधन ने कान्हा और गौरी और रिद्धी से भी ब्रीडिंग करने की कोशिश की थी, लेकिन कान्हा की मौत के बाद इस प्रोजेक्ट पर विराम लग गया। वहीं वर्ष 2010 में दो बार बाघ कान्हा और बाघिन बसनी की मेटिंग कराई गई। दोनों बार शावकों की मौत हो गई। इसके पूर्व भी प्रबंधन ने कान्हा और श्वेता की मेटिंग कराने के प्रयास किए थे। श्वेता की असमय मौत से अभियान सफल नहीं हो सका।

केवल श्वेता का हुआ था जन्म
वन प्रबंधन ने वर्ष 2003 में बाघ राम और सफेद बाघिन रीनी की ब्रीडिंग कराई थी, जिससे बाघिन श्वेता का जन्म हुआ था। श्वेता करीब आठ साल तक जीवित रही।

चिडिय़ाघरों में हो रही सफल ब्रीडिंग
वन विहार प्रबंधन ने जिस बाघ आक्रमक और आदमखोर मानकर इंदौर चिड़ियाघर को दिया था वहां के प्रबंधन ने उस बाघ से ब्रीडिंग कराई। उसकी संतान चिड़ियाघर में घूम रही है। जहां इंदौर चिड़ियाघर में हाल ही में बाघिन ने दो शावकों ने जन्म दिया। वहीं ग्वालियर के चिड़ियाघर में बाघिन जमुना ने शावकों को जन्म दिया है।

वन विहार में बाघों की ब्रीडिंग के प्रयास हो रहे है। पहले बूढ़े बाघ थे। हाल ही में वन विहार को युवा बाघ मिले है। उनके बीच ब्रीडिंग करने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि इस बार बाघों की ब्रीडिंग का प्रोजेक्ट सफल रहेगा।

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