देश के 77% अमीर आतंकवाद के बढ़ते खतरे को लेकर चिंतित रहते हैं। 73% अमीर साम्प्रदायिक तनाव, महिलाओं के खिलाफ हिंसा और सामाजिक-आर्थिक विषमता जैसे सामाजिक मुद्दों की चिंता करते हैं। वहीं, 40% अमीर ऐसे हैं, जिन्हें पैसा चोरी होने का डर सताता है।
अमीरों के तीन ग्रुप में हुआ सर्वे
ये आंकड़े इन्वेस्टमेंट सर्विसेज कंपनी आईआईएफएल की वेल्थ इंडेक्स रिपोर्ट 2018 के जरिए सामने आए हैं। यह रिपोर्ट एक सर्वे के आधार पर तैयार की गई है, जिसमें देश के टॉप-500 अमीरों से रायशुमारी की गई थी।
सर्वे के लिए देशभर के 500 अमीरों को तीन ग्रुप- हाई नेटवर्थ, वेरी हाई नेटवर्थ और अल्ट्रा हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल में बांटा गया। आतंकवाद के बाद इनकी सबसे बड़ी चिंता सामाजिक मुद्दे हैं। इनमें अंतर जातीय टकराव, महिला हिंंसा और गरीबों-अमीरों के बीच असमानता जैसी बातें शामिल हैं।
52% अमीरों के लिए ट्रम्प भी चिंता का विषय
सर्वे में शामिल 52% भारतीय अमीरों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी चिंता का विषय हैं। भारतीय अमीर ये मानते हैं कि ट्रम्प की नीतियां अस्थिरता का कारण बन सकती हैं। 62 फीसदी अमीरों के लिए वर्तमान अस्थिरता परेशान करने वाला का विषय है क्योंकि इसका सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
भारत-पाक संबंध, चीन का दक्षिण चीनी समुद्र में विस्तार होना और यूरोपियन यूनियन का टूटना भी भारतीय अमीरों को चिंतित करता है। 8 फीसदी अमीरों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मामलों का असर भी भविष्य में भारत की आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है। सर्वे में शामिल 5 फीसदी अमीरों के लिए अपनी कंपनी का उत्तराधिकारी चुनना भी कड़ी चुनौती है।
लोकसभा चुनाव के चलते अंतरिम बजट
जब लोकसभा चुनाव होते हैं, उस वर्ष वित्त मंत्री अंतरिम बजट पेश करते हैं। यह बजट कुछ महीनों के सरकारी कामकाज चलाने के लिए होता है। नई सरकार बनने के बाद जुलाई में अनुपूरक बजट पेश किया जाता है जोे बाकी के वित्त वर्ष के लिए होता है। अन्य वर्षों में वित्त मंत्री पूर्ण बजट पेश करते हैं।
इस बार अंतरिम बजट से उम्मीदें
चर्चा है कि इस बार मोदी सरकार मिडिल क्लास को राहत देते हुए आयकर छूट की सीमा बढ़ा सकती है। आयकर में छूट के लिए निवेश की सीमा भी बढ़ाई जा सकती है।
कंपनी के रेवेन्यू और ऑपरेटिंग इनकम टार्गेट के आधार पर बोनस की रकम तय की जाती है। बीते वित्त वर्ष में एपल के रेवेन्यू में 16% का इजाफा हुआ था। एपल का फाइनेंशियल ईयर 29 सितंबर को खत्म होता है और 30 सितंबर से नया वित्त वर्ष शुरू होता है।
शेयरों से कुक की सबसे ज्यादा कमाई
कुक की कमाई का बड़ा हिस्सा एपल के शेयरों से आता है। उन्हें सालाना इन्क्रीमेंट के तौर पर शेयर मिलते हैं। इनकी संख्या एसएंडपी-500 की कंपनियों के मुकाबले एपल के शेयर की परफॉर्मेंस के आधार पर तय होती है।
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