Tuesday, March 12, 2019

«Bald schläft ein Euro-Hooligan in meiner Wohnung»

Schreiner Franz Weber zeigt auf seine ehemalige Wohnung. Nach 45 Jahren wurde er rausgeschmissen. Und die Vermieter machen Reibach mit Euro-08-Fans.
Die Anzeige der Firma Swiss Immo Trust AG richtet sich an Euro-08-Fans. «Funktionell eingerichtete Wohnung mit acht Schlafplätzen. Ideal für Gruppen.» Adresse: Talstrasse 43 in Oberwil BL.

Hier wohnte der pensionierte Schreiner Franz Weber (69) – fast ein halbes Jahrhundert lang. «Jetzt haben sie mich rausgeschmissen», sagt er konsterniert. «Ich kann es immer noch nicht glauben. Es geht nur ums Geld, unsere Schicksale zählen nichts. Bald schlafen Euro-Hooligans in meiner Wohnung.»

28 Mietparteien erhielten an der Talstrasse 43, 45 sowie Langegasse 40 die Kündigung. Sie müssen ihr vertrautes Umfeld verlassen – die Siedlung wird totalsaniert.

Drei Monate hatte Franz Weber Zeit, um eine neue Wohnung zu suchen. Er wurde ein paar 100 Meter weiter fündig. Zu einem höheren Preis, aber immerhin in derselben Gegend. «Wir konnten uns nicht wehren. Ich fühle mich immer noch machtlos und ausgenutzt.»

Weniger Glück hatte Edeltraud Künzli (65). Die krebskranke Rentnerin konnte kaum gehen zum Zeitpunkt, als die Kündigung kam. Von Operationen geschwächt brauchte sie dreimal am Tag die Unterstützung der Spitex.

«Ich wusste zuerst nicht, wie ich das alles schaffen sollte. Ich war nahe daran aufzugeben», erzählt Edeltraud Künzli. Zum Glück hat sie noch ihre Tochter. Tatjana nahm spontan eine Woche Ferien.

Jetzt wohnt die Rentnerin wieder in Therwil, von wo sie vor 24 Jahren nach Oberwil gezogen ist. Dass jetzt Euro-08-Fans in das Haus ziehen sollen, findet die zweifache Mutter und vierfache Grossmutter schrecklich. «Ich bin so wütend. Die Besitzer sind einfach skrupellose Menschen.»

Im März hat die Swiss Immo Trust AG das Baugesuch eingereicht. Bewilligt ist es noch nicht.

Die Hausbesitzer haben die Mieter aber trotzdem schon rausbugsiert. Gerade rechtzeitig, um während der Euro 08 so richtig Kasse zu machen. Eine Altbauwohnung, die bis anhin um die 900 Franken kostete, spielt 415 Franken ein – pro Tag. Das ergibt eine stolzen Monatsmiete von 12450 Franken. Einzige Kosten: Die Vermieter schleppen acht Betten in jede Fan-Wohnung.

Die Swiss Immo Trust AG erklärt schriftlich, die Vermietung der Wohnungen an Euro-08-Fans habe nichts mit der Tatsache zu tun, dass die Wohnungen umfassend saniert werden müssen.

Ausserdem: «Der Bettpreis (inkl. Frühstück) in diesen Ferienwohnungen beträgt pro Person und Nacht 75 Franken. Bei der Festsetzung der Höhe des Preises haben wir uns an den Preisen von Jugendherbergen orientiert.»

Dass die Wohnungen als Tages-Zimmer während der Euro angeboten werden, stört auch den Mieterverband. «Es ist schlicht eine Frechheit», sagt Urs Thrier, Geschäftsführer der Sektion Baselland und Dorneck-Thierstein SO.

Hier werde nicht nur günstiger Wohnraum vernichtet. «Die Wohnungen auch noch für die Euro zu vermieten, ist ein Affront gegenüber den ehemaligen Mietern», sagt Thrier. Die Zwischennutzung sei aber legal. Man könne keine Rechtsmittel dagegen ergreifen.
Oberwil ist von Stadtzentrum Basel nur fünf Kilometer entfernt. Entsprechend gross ist die Nachfrage nach Wohnungen.

Soeben die Kündigung erhalten haben auch 60 Mietparteien der Überbauung «Im Wasen» in Oberwil. 6 Häuser werden abgerissen. Auch hier sind fast ausschliesslich Mieter mit kleinen Einkommen betroffen. Die Wohnblocks aus den 40er-Jahren werden durch Eigentumswohnungen ersetzt.

Das Geschäft mit der Euro 08 hat man «Im Wasen» allerdings verpasst: Die meisten Mieter fechten die Kündigung vor der Schlichtungsstelle Liestal an.

Wednesday, March 6, 2019

跨性別儿童奥顿的故事:“你不觉得她现在更开心吗?”

像许多小女孩一样,九岁的奥顿·诺里斯(Autumn Norris)喜欢打扮和开始尝试化妆。

但是,奥顿出生时名叫安东尼(Anthony)。 在告诉妈妈说自己感觉身处“错误的身体”之后,她在过去两年里被定性为一名女孩。

当奥顿第一次谈到身为女性的这些感受时,她刚洗完澡。

“她想要两条毛巾,一条用来擦头发,一条用来擦身体,‘就像个女人’。”

“洗完澡,她带着两条毛巾走出浴室告诉我说:‘妈,我有事要告诉妳,我不是安东尼,我不是男孩,我是女孩’,”妈妈法兰·诺里斯(Fran Norris)说。

“当时我不知该说什么。我只是给了她一个拥抱。”

“当晚我辗转难眠,脑子里一堆东西打转,想说该从何开始。”

来自英国中部什罗普郡(Shropshire)希夫纳尔(Shifnal)的诺里斯女士认为,奥顿有这样的想法应该有好长一阵子了,并一直“扮演女性角色”来探索她的性別认同。

因为,小奥顿经常会来找她,要求她穿上妈妈的衣服,化妆、做指甲或戴头发。

“开始的时候,她是在复活节假期的两星期里打扮成女孩。

诺里斯女士说:“那是一次全面性的尝试,让她可以直接探索自己是谁。”

“在那两个星期之后,她变回安东尼上学,回家改变为奥顿。”

最后,他们通知了奥顿的学校。

诺里斯女士说,“学校出人意料表现得非常支持。”虽然学校孩子们“反应不一”,但教师们“正解决此问题。”

“他们会说:你还记得安东尼吗?你还记得他有多难受,他有多愤怒吗?难道你不觉得奥顿现在更快乐吗?他们还会解释说,奥顿才是安东尼想成为的人, ”诺里斯女士说。

诺里斯女士表示,他们直到晚些时候才去见了全科医生(GP),当时奥顿被引荐给英国国民医疗保健服务“塔维斯托克和波特曼基金会信托中心”(Tavistock and Portman NHS Foundation Trust)。

这家位于伦敦的信托中心为英国许多自己性别认同有所疑虑的儿童提供性别认同发展方面的咨询服务。

诺里斯女士说:“奥顿在中心的咨询,纯粹是让她说自己是谁,她觉得谁住在身体里面,她又是如何认同自己的。”

塔维斯托克和波特曼中心对奥顿的未来转变尚未有太深入的讨论。他们谈到了激素阻断剂( hormone blockers)的使用,但这只会用在未来——也就是奥顿的女孩认同没有改变时。

奥顿说,她很享受信托中心提供的服务。

“我非常开心,因为我能谈论我正在经历的事情以及感受,” 她说。

诺里斯女士说她计划写一本关于他们这段“情感之旅”的书,以澄清许多人关于历经这种过程所收到的“错误资讯”及其对儿童及其家庭的影响。

“我希望能得到些收获,让我们更深入地了解整个过程,并让大家意识到它如何影响整个家庭。” 她解释道。

Thursday, February 7, 2019

चुनाव से पहले हमारे प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर रही हैं पार्टियां: वॉट्सऐप

फेक न्यूज फैलाने को लेकर आरोपों में घिरे वॉट्सऐप ने दावा किया है कि लोकसभा चुनाव से पहले भारत के राजनीतिक दल इस प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने वालों के अकाउंट बैन कर दिए जाएंगे। वॉट्सऐप के कम्युनिकेशन प्रमुख कार्ल वूग ने यह दावा करते वक्त दुरुपयोग करने वाले राजनीतिक दलों के नाम बताने से इनकार कर दिया। न ही यह बताया कि दुरुपयोग किस तरह से हो रहा है।

सही तरह से नहीं हो रहा वॉट्सऐप का इस्तेमाल

वॉट्सऐप के कम्युनिकेशन प्रमुख कार्ल वूग ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, "कई राजनीतिक दल वॉट्सऐप का जिस तरह से इस्तेमाल कर रहे हैं, वैसा नहीं करना चाहिए। वॉट्सऐप का दुरुपयोग हो रहा है। ऐसे लोगों को जल्द पहचानकर रोकने की दिशा में हम काम कर रहे हैं।' 

वूग ने कहा, "हमने राजनीतिक दलों को दृढ़ता से बताया है कि वॉट्सऐप न तो ब्रॉडकास्ट प्लेटफॉर्म है और न ही बड़े पैमाने पर मैसेज भेजने का जरिया। ऑटोमैटिक रोबोटिक व्यवहार वाले अकाउंट्स को हम बंद कर देंगे, भले ही इसका कोई भी मकसद हो। वॉट्सऐप सिर्फ प्राइवेट कम्युनिकेशन के लिए है।'
अप्रैल-मई में चुनाव, इससे पहले आईटी कानून में संशोधन का प्रस्ताव

उल्लेखनीय है कि अप्रैल और मई में लोकसभा चुनाव होने हैं। सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को चेतावनी दे रखी है कि देश की चुनाव प्रक्रिया को गलत तरह से प्रभावित करने के प्रयासों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने हाल ही में सूचना प्रौद्योगिकी कानून में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत सोशल मीडिया, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को अवैध कंटेंट को पहचानने और रोकने के लिए टूल्स लगाने होंगे।

नए नियम आए तो भारत छोड़ सकता है वॉट्सऐप
भारत में कारोबार कर रही सोशल मीडिया कंपनियों के लिए सरकार द्वारा प्रस्तावित नियम लागू होते हैं तो वॉट्सऐप के वर्तमान रूप के अस्तित्व पर खतरा आ जाएगा। कंपनी के एक शीर्ष कार्यकारी ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए कंपनी के भारत छोड़ने की संभावना से भी इनकार नहीं किया है। भारत में वॉट्सऐप के 20 करोड़ यूजर्स हैं। यह कंपनी के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है। कंपनी के दुनियाभर में कुल 1.5 अरब यूजर्स हैं।

192 लोग जाना चाहते हैं सीधे: सीईओ खान ने कहा कि भोपाल से 192 लोगों ने सीधे सऊदी अरब के लिए फ्लाइट उपलब्ध कराने के लिए आवेदन दिया है। जिन एयर लाइंस  से अनुबंध होगा, उससे इस संबंध में चर्चा कर विमान सेवा उपलब्ध कराने के हर संभव प्रयास करेंगे। संख्या कम होने के कारण एक ही फ्लाइट से काम चल जाएगा।  जिन लोगों ने आवेदन दिया है, उसमें उन्होंने यह लिखा है कि वे बगैर सब्सिडी वाला जो भी किराया भोपाल एयरपोर्ट से तय होगा, उसे देने के लिए तैयार हैं। गत वर्ष भोपाल से सीधे सऊदी जाने के लिए 276 लोगों ने आवेदन किए थे, तब उन्हें यहां से रवाना करने के लिए दो विमान उपलब्ध कराए गए थे।

इसलिए हुआ ऐसा: मप्र हज कमेटी के सीईओ दाउद खान ने बताया कि हज यात्रा पर से सब्सिडी खत्म होने के बाद गत वर्ष से भोपाल व इंदौर इंबार्केशन पाइंट खत्म कर दिए गए थे। इस कारण भोपाल व इंदौर एयरपोर्ट से हज यात्रा की सीधी फ्लाइट सेवा बंद कर यात्रियों को मुंबई से रवाना किया गया था। साथ में यह सुविधा प्रदान की गई थी कि जो लोग भोपाल एयरपोर्ट से सीधे सउदी जाना चाहते थे, उन्हें विमान एजेंसी से तय हुआ किराया देने की शर्त पर यह सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष हज यात्रा पर भोपाल समेत पूरे प्रदेश से 4640 लोग जाएंगे। ये सभी वे यात्री हैं, जिनका हज कमेटी द्वारा चयन किया गया है। इनमें 70 साल से अधिक आयु के रिजर्व श्रेणी के 793 लोग व 27 अन्य केटेगरी में रिजर्व लोग शामिल हैं।

Friday, January 25, 2019

कलयुग में मनुष्य की उम्र घटकर रह जाएगी 20 साल, तप के लिए यह युग है श्रेष्ट

हिंदू घर्म में वेद और पुराणों में चार युग बताए गए हैं। माना जाता है कि सतयुग में स्वयं देवता, किन्नर और गंधर्व पृथ्वी पर निवास करते थे। सतयुग के बाद आया त्रेता युग। इस युग में भगवान श्रीराम का जन्म हुआ। इसके बाद द्वापर युग की शुरुआत हुई , इस युग में श्रीकृष्ण भवान ने जन्म लेकर पृथ्वी से दुष्टों का संहार किया। द्वापर युग के बाद कलयुग की शुरूआत हुई। वेदों और पुराणों के अनुसार कलयुग का कालखंड सबसे छोटा माना गया है इस युग में भगवान विष्णु का दसवां अवतार होगा, जिसका नाम होगा कल्कि। विष्णु पुराण के अनुसार इस युग में कन्याएं 12 साल में ही गर्भवती होने लगेंगी, मनुष्य की औसत आयु घटकर 20 साल रह जाएगी।

कलयुग से जुड़ी विशेष बातें
ऋषि पराशर ने तप के लिए कलयुग को बताया है श्रेष्ट
विष्णु पुराण के अनुसार देवताओं के पूछे जाने पर कि किस युग में तप और पुण्य का फल जल्दी मिलेगा तो पराशर ऋषि ने वेदव्यासजी के कथनों का जिक्र करते हुए कलियुग को सबसे उत्तम बताया।

- श्रीवेदव्यास जी को ही वेदों का रचनाकार माना जाता है। वेदव्यास जी से जुड़ी एक पौराणिक कथा के अनुसार, वेदव्यास जी ने सभी युगों में कलयुग को श्रेष्ठ युग कहा है।

कलयुग क्यों है श्रेष्ट?
विष्णुपुराण में वर्णित एक घटना के अनुसार, मुनिजनों और ऋषियों के साथ चर्चा करते हुए वेदव्यास जी कहते हैं सभी युगों में कलयुग ही सबसे श्रेष्ठ युग है। क्योंकि दस वर्ष में जितना व्रत और तप करके कोई मनुष्य सतयुग में पुण्य प्राप्त करता है, त्रेतायुग में वही पुण्य एक साल के तप द्वारा प्राप्त किया जा सकता है।

- ठीक इसी प्रकार उतना ही पुण्य द्वापर युग में एक महीने के तप से प्राप्त किया जा सकता है तो कलयुग में इतना ही बड़ा पुण्य मात्र एक दिन के तप से प्राप्त किया जा सकता है। इस तरह व्रत और तप के फल की प्राप्ति के लिए कलयुग ही सबसे श्रेष्ठ समय है।

कौन थे पराशर ऋषि?
पराशर ऋषि मुनि शक्ति के पुत्र तथा वशिष्ट ऋषि के पौत्र थे। ऋषि वशिष्ठ ब्रह्मा के पुत्र हैं। पराशर ऋषि को सभी वेदों का ज्ञान था।

ऑफर पर विचार करेंगे
गौर कहते हैं कि दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने का ऑफर दिया है, जिस पर वो विचार कर रहे हैं। दिग्विजय सिंह के ऑफर पर बाबूलाल गौर क्या विचार कर रहे हैं, यह तो उन्होंने अभी खुलासा नहीं किया है। लेकिन इस ऑफर को लेकर कांग्रेस का कहना है कि भाजपा में बुजुर्गों का अनादर हो रहा है और कांग्रेस में अनुभव का सम्मान किया जाता है, इसलिए दिग्विजय सिंह ने उन्हें यह ऑफर दिया है।

कांग्रेस के पास नेताओं की कमी
वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह का कहना है कांग्रेस के पास ऐसे नेता नहीं हैं जिनको चुनाव लगाया जा सके, इसलिए कांग्रेस बीजेपी के लोगों से बातचीत कर रही है। जब उनसे पूछा गया कि बाबूलाल गौर को दिग्विजय सिंह ने भोपाल से चुनाव लड़ने का ऑफर किया है तो इस पर राकेश सिंह ने कहा कि बाबूलाल गौर ने खुद ही मना कर दिया है। इस पर वे कुछ नहीं कहेंगे।

बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन से न्यू-मार्केट की ओर आने वाली मिनी बसें भारत टॉकीज से होते हुए ऐशबाग फाटक, पुल बोगदा, धर्मकांटा, मैदा मिल, बोर्ड ऑफिस चौराहे से होते हुए जाएंगी। आम ट्रैफिक के लिए मार्ग लिली टॉकीज, चिकलौद रोड, जिंसी धर्मकांटा होते हुए टीटी नगर की ओर रहेगा।

Thursday, January 17, 2019

华为任正非谈孟晚舟案:想女儿、无“后门”、特朗普“伟大”

向低调的华为创始人任正非,本周二(1月15日)罕见地接受国际媒体采访,他驳斥了华为参与间谍活动的指控。

任正非还说,非常想念自己的女儿孟晚舟。

孟晚舟是华为的首席财务官。去年12月初,因为美国指控她违反伊朗制裁禁令,要求引渡,孟晚舟在加拿大被捕,目前她获准保释,但必须留在加拿大。

华为是全球最大的电信设备制造,最近却在多个国家受到审查。

上周,华为一名销售主管在波兰被捕,当地政府指控他从事间谍活动。华为随即解雇了这名主管, 并否认他的任何违法行为是代表华为进行的。

此外,英国等在应用5G技术和建设通信基础设施时,也对使用华为的设备表达担忧。这些国家认为,华为可能向北京方面提供监控和干扰数据的方法。

孟晚舟事件的双重冲击
华为被“五眼”情报联盟视作威胁 面临抵制
华为孟晚舟事件:盘点华为让西方国家猜忌的原因
没有“后门”
这是任正非第三次与国际媒体进行此类采访,包括《金融时报》、《彭博社》和《华尔街日报》在内的六位记者受到邀请,上次采访要追溯到三年前。

外界对华为的诸多担忧中,任正非的背景常被提及——他于1978年加入共产党,还是解放军的退伍老兵。

这位已经74岁的企业家告诉记者,“我爱我的国家。我拥护中国共产党。但我不会做任何伤害这个世界的事情。我个人的政治信念也与华为的商业营运没有关系。”

他补充说,中国政府从未要求他或他的公司提供华为合作伙伴的“不适当的信息”。

“我个人永远不会损害客户的利益,我和我的公司也不会答应这样的要求,”他说。

另有质疑称华为可能让中国间谍直接获取数据,任正非驳斥,“中国没有任何法律要求任何一家公司安装强制性‘后门’”,而华为“从未发生严重的安全事件”。

澳大利亚战略政策研究所访问学者尤伦(Tom Uren)此前向BBC中文表示,外界担忧的根源是中国去年通过的《情报法》,该法第七条要求中国国内任何组织和公民要“依法支持、协助和配合国家情报工作”。

尤伦认为,中国政府可以按《情报法》要求华为与当局合作,“这样做的话,他们不会触犯澳洲任何法律,但仍可帮助中国情报组织的工作。因此,当中国公司在其他国家参与建设网络基础设施时,难以取信当地政府。

Wednesday, January 9, 2019

77% भारतीय अमीरों को आतंकवाद और 40% को पैसा चोरी होने का डर

देश के 77% अमीर आतंकवाद के बढ़ते खतरे को लेकर चिंतित रहते हैं। 73% अमीर साम्प्रदायिक तनाव, महिलाओं के खिलाफ हिंसा और सामाजिक-आर्थिक विषमता जैसे सामाजिक मुद्दों की चिंता करते हैं। वहीं, 40% अमीर ऐसे हैं, जिन्हें पैसा चोरी होने का डर सताता है।

अमीरों के तीन ग्रुप में हुआ सर्वे
ये आंकड़े इन्वेस्टमेंट सर्विसेज कंपनी आईआईएफएल की वेल्थ इंडेक्स रिपोर्ट 2018 के जरिए सामने आए हैं। यह रिपोर्ट एक सर्वे के आधार पर तैयार की गई है, जिसमें देश के टॉप-500 अमीरों से रायशुमारी की गई थी।

सर्वे के लिए देशभर के 500 अमीरों को तीन ग्रुप- हाई नेटवर्थ, वेरी हाई नेटवर्थ और अल्ट्रा हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल में बांटा गया। आतंकवाद के बाद इनकी सबसे बड़ी चिंता सामाजिक मुद्दे हैं। इनमें अंतर जातीय टकराव, महिला हिंंसा और गरीबों-अमीरों के बीच असमानता जैसी बातें शामिल हैं। 

52% अमीरों के लिए ट्रम्प भी चिंता का विषय
सर्वे में शामिल 52% भारतीय अमीरों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी चिंता का विषय हैं। भारतीय अमीर ये मानते हैं कि ट्रम्प की नीतियां अस्थिरता का कारण बन सकती हैं। 62 फीसदी अमीरों के लिए वर्तमान अस्थिरता परेशान करने वाला का विषय है क्योंकि इसका सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

भारत-पाक संबंध, चीन का दक्षिण चीनी समुद्र में विस्तार होना और यूरोपियन यूनियन का टूटना भी भारतीय अमीरों को चिंतित करता है। 8 फीसदी अमीरों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मामलों का असर भी भविष्य में भारत की आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है। सर्वे में शामिल 5 फीसदी अमीरों के लिए अपनी कंपनी का उत्तराधिकारी चुनना भी कड़ी चुनौती है।

लोकसभा चुनाव के चलते अंतरिम बजट
जब लोकसभा चुनाव होते हैं, उस वर्ष वित्त मंत्री अंतरिम बजट पेश करते हैं। यह बजट कुछ महीनों के सरकारी कामकाज चलाने के लिए होता है। नई सरकार बनने के बाद जुलाई में अनुपूरक बजट पेश किया जाता है जोे बाकी के वित्त वर्ष के लिए होता है। अन्य वर्षों में वित्त मंत्री पूर्ण बजट पेश करते हैं।

इस बार अंतरिम बजट से उम्मीदें
चर्चा है कि इस बार मोदी सरकार मिडिल क्लास को राहत देते हुए आयकर छूट की सीमा बढ़ा सकती है। आयकर में छूट के लिए निवेश की सीमा भी बढ़ाई जा सकती है।
कंपनी के रेवेन्यू और ऑपरेटिंग इनकम टार्गेट के आधार पर बोनस की रकम तय की जाती है। बीते वित्त वर्ष में एपल के रेवेन्यू में 16% का इजाफा हुआ था। एपल का फाइनेंशियल ईयर 29 सितंबर को खत्म होता है और 30 सितंबर से नया वित्त वर्ष शुरू होता है।

शेयरों से कुक की सबसे ज्यादा कमाई
कुक की कमाई का बड़ा हिस्सा एपल के शेयरों से आता है। उन्हें सालाना इन्क्रीमेंट के तौर पर शेयर मिलते हैं। इनकी संख्या एसएंडपी-500 की कंपनियों के मुकाबले एपल के शेयर की परफॉर्मेंस के आधार पर तय होती है।

Tuesday, January 1, 2019

देश के सबसे सफल टेस्ट कप्तान बन सकते हैं विराट, अब तक जीते हैं 26 टेस्ट; धोनी से सिर्फ एक कम

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने साल की शुरूआत नंबर-1 टेस्ट बल्लेबाज के तौर पर की है। पिछले साल उन्होंने कई रिकॉर्ड बनाए। अब इस साल के पहले ही टेस्ट में उनके पास कई रिकॉर्ड की बराबरी करने और तोड़ने का मौका है। सिडनी में भारत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज का चौथा और आखिरी टेस्ट खेलेगा। विराट इस टेस्ट में यदि टीम इंडिया को जीत दिला देते हैं तो वे भारत के सबसे सफल कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की बराबरी कर लेंगे। इसके बाद भारत वर्ल्ड कप तक कोई भी टेस्ट सीरीज नहीं खेलेगा, लेकिन उसके बाद यदि विराट की कप्तानी में टीम इंडिया एक भी मैच जीतती है तो वे देश के सबसे सफल टेस्ट कप्तान बन जाएंगे।

ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने वाले पहले कप्तान बन सकते हैं कोहली
धोनी ने 60 टेस्ट में भारतीय टीम की अगुआई की। इसमें से उन्होंने 27 में टीम को जीत दिलाई। वहीं, विराट अब तक 45 टेस्ट में भारतीय टीम की कप्तानी कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 26 टेस्ट जीते हैं। 3 जनवरी से होने वाले सिडनी टेस्ट को जीतते ही वे धोनी के साथ संयुक्त रूप से भारत के सबसे सफल कप्तान बन जाएंगे। 

विराट कोहली यदि सिडनी टेस्ट जीतते हैं या ड्रॉ भी करा लेते हैं तो वे ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान बन जाएंगे। टीम इंडिया 1947 से ऑस्ट्रेलिया का दौरा कर रही है, लेकिन अब तक खेली गई 11 टेस्ट सीरीज में वह एक भी नहीं जीत पाई है।

कोहली विदेश में टेस्ट जीतने के मामले में धोनी और राहुल द्रविड़ को पहले ही पीछे छोड़ चुके हैं। यदि वे सिडनी टेस्ट में टीम इंडिया को जीत दिला देते हैं तो सौरव गांगुली को भी पीछे छोड़ देंगे। गांगुली ने बतौर कप्तान विदेश में खेले गए 28 टेस्ट में 11 जीते थे।

दूसरी ओर, छह साल तक टेस्ट टीम की कप्तानी करने वाले धोनी ने विदेशी जमीन पर 30 टेस्ट में 6 ही जीते थे। वहीं, सौरव गांगुली के बाद कप्तान बनने वाले राहुल द्रविड़ ने 17 में पांच जीते थे। कोहली अब तक 24 टेस्ट में 11 जीत चुके हैं।

कोहली के पास इस टेस्ट में 26वां शतक लगाने का मौका होगा। अगर वे ऐसा कर लेते हैं तो ऑस्ट्रेलिया में उनके नाम 7 शतक हो जाएंगे। इस मामले में वे सचिन तेंडुलकर को पीछे छोड़ देंगे। सचिन ने 20 टेस्ट में ऐसा किया था। जबकि, कोहली 11 टेस्ट में ही उनके बराबर पहुंच चुके हैं।